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February, 2018

 

अच्छे दोस्त के मायने

दोस्ती एक भरोसेमंद और निष्ठावान रिश्ता है. हम अपनी पूरी जिन्दगी अकेले नहीं जी सकते और खुशी से जीने के लिये किसी भरोसेमंद साथी की ज़रुरत है जिसे दोस्त कहते हैं और जिसपर हमेशा के लिये भरोसा किया जा सकता है। जिन्दगी के हर पड़ाव पर हमें एक दोस्त की जरुरत होती है. लेकिन वह दोस्त सच्चा है या नहीं यह भी जानना जरुरी है. क्योंकि झूठे दोस्त अक्सर मुसीबत में अकेला छोड़ जाते हैं. कहने के लिए भले ही कई दोस्त आपकी जिन्दगी में होंगे, लेकिन क्या आप उनRead More


दहेज प्रतिष्ठा या लालच!

भारतीय समाज में अभी भी अनेक पुरानी परम्पराएं जीवित है. आधुनिकता का दम भरने वाला यह समाज इन परम्पराओं के साथ इस कदर चिपका हुआ है मानो ये परम्पराएं समाज के आवश्यक अंग हैं. आधुनिक, शिक्षा और वैज्ञानिक विचारों के प्रसार के बावजूद समाज में ऐसी परम्पराओं का जीवित रहना वास्तव में हमारी दूषित मनोवृति का परिचायक है. कहने को तो हम 21 वीं सदी में है, लेकिन मनोवृति के संबंध में हम पिछड़ते ही जा रहे हैं. यह सत्य है कि स्वतंत्रता पूर्व के नारी सुधार आंदोलन ने नारीRead More


कॉलेज का क्रेज

कॉलेज सत्र आरंभ होने के साथ ही एक आजादी की भावना मन में हिलोरे लेने लगती है. स्कूल यूनीफॉर्म से छुटकारा मिलता है और हम नित नई पोशाक पहनने को उत्सुक रहते हैं. छात्रों को कॉलेज खुशनुमा, रोमांचक प्रतीत होता है, इसीलिए वे कॉलेज में खुलकर मौज-मस्ती कर पाते हैं। कॉलेज का दौर आने का किसको इंतजार नहीं होता. यह समय युवक युवतियों के जीवन का गोल्डन टाइम कहा जाता है. यह  सपनों, उमंगों और उत्साह और जोश का समय होता है. ऐसे में युवकयुवतियों के मन में , पूरेRead More


बॉस का नया वर्जन लॉन्च

भारत ऑपरेटिंग सिस्टम सॉल्यूशन ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम बॉस के नए वर्जन को लॉन्च कर दिया है. हालांकि ये लॉन्च आम लोगों के लिए नहीं है. लेकिन, इसके बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि इस सिस्टम के आने के बाद देश में विंडो और एप्पल के सिस्टम के अलावा पूरी तरह से स्वदेश में निर्मित क्चह्रस्स् पर लोगों को काम करने का मौका मिलेगा।  इस सिस्टम के आम लोगों के बीच आने के बाद देश में लोगों का कंप्यूटर के प्रति लगाव और बढ़ेगा. यहां ये भी बतानाRead More


बच्चे देश के लिए जरूरी

कहते हैं बच्चे देश का भविष्य होते हैं, इसलिए उन्हें ऐसी शिक्षा दें कि वे देश के कर्णधार बनें. उनसे ऐसी कोई भी ऐञ्चिटविटीज न करवाएं जिससे उन्हें परेशानी महसूस हो। इन की अच्छाईबुराई समझें और बच्चे को अच्छा करने और बुराई छोडऩे के लिए प्रेरित करें। हम कई तरह के अधिकारों, योजनाओं, सूचनाओं, चेतना और जागरूकता की बात करते हैं. इन सब के बीच बच्चों से हमारा ध्यान हट जाता है. हम उन की मनोस्थिति, ङ्क्षचता या परेशानी को मुद्दा नहीं समझते. ‘बच्चे हैं’ कह कर टाल देते हैंRead More


अंतरिक्ष की दुनिया रहस्यों से भरी है।

इसके बारे में पूरा समझ पाना तो इंसानों के बस की बात नहीं है यह जितना विशाल है उतने ही अनोखे रहस्यों से भरा पड़ा है। अपनी जमीन की बजाय अब आसमान टटोलने का वक्त है यानी इंसान के निशाने पर अब अंतरिक्ष है। धरती की कोख में अकूत खनिज संपदा है। इसकी तह में उतरकर इंसान ने उसे हासिल भी किया, लेकिन यह संपदा अब घटने लगी है।  पृथ्वी के संसाधनों की भरपाई कहां से और कैसे होगी। इसके विकल्प और उपाय खोजे जा रहे हैं। इस बारे मेंRead More


सडक़ों पर दौडऩे को तैयार इलेक्ट्रिक कार

काफी समय से हम इलेञ्चिट्रक कार के बारे में सुन रहे हैं, लेकिन अब सच में भारत की सडक़ों पर पेट्रोल व डीजल कार की जगह इलेञ्चिट्रक कार ही दौड़ेगी. लगातार बढ़ते प्रदूषण के बाद अब केंद्र सरकार ने इलेञ्चिट्रक कारों को लेकर अपना नजरिया साफ कर दिया है. इंधन की कीमत में आ रही उछाल और खपत के मद्देनजर वाहन निर्माता अब दूसरे विकल्पों पर जोर दे रहे हैं. इस क्रम में वाहन निर्माताओं का ध्यान सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक विकल्प की तरफ गया है. इस समय दुनिया भर मेंRead More


टीनएजर और ब्रेकअप

किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का बसंतकाल माना गया है. यह काल मानसिक शक्तियों के विकास का समय है. भावों के विकास के साथसाथ बालक की कल्पना का विकास होता है. विपरीत लिंग की ओर आकर्षण किशोरों की अवधि के दौरान आम है, किशोरावस्था जीवन के चरणों को संभाल करने के लिए बहुत मजबूत होती है और जो आसानी से प्रेम संबंधों में भावनाओं से टूट सकती है। टिप्स गम से बचने के लिये किशोरावस्था का प्यार आज के दौर में किशोरावस्था में प्यार हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है,Read More


खतरनाक है टीवी पर योगा सीखना

अपनी शारीरिक क्षमता ,मानसिक स्थिति और समय की उपलब्धता के अनुसार ही विधिवत योग सीखना लाभकारी होता है. योग में शरीर और मन दोनों का बहुत महत्व है। इसमें आसनों की मुद्रा के साथ ,सांस लेने, बाहर निकालने का भी नियम होता है. अगर कोई किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो योग साधक या ट्रेनर उस व्यक्ति को,  कुछ आसनों को करने से मना कर देते हैं या उनका कोई असान रूप बता देते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ,ताकि बीमारी न बढ़े. ना हीं व्यक्ति किसी दूसरी बीमारीRead More


अपने बच्चों को खतरनाक खेल और खिलौनों से बचाएं

आज समय आ गया है कि अभिभावक अपने बच्चों पर गहरी नजर रखें कि उनका बच्चा स्मार्ट फोन, लैपटॉप व कम्प्यूटर पर ही तो दिनभर खेल में बिजी नहीं रहता. बच्चे आदिकाल से ही खिलौने देखकर खुश होते रहे हैं। रंग-बिरंगे, हंसते-बोलते, गाते, चलते-फिरते खिलौने किसे अच्छे नहीं लगते? बच्चे तो खिलौने के दीवाने होते हैं. नवजात शिशु भी खिलौना देखकर रोतेरोते चुप हो जाता है. भारत सहित दुनियाभर में आज खिलौने की मांग बढ़ी है. कम्प्यूटर गेम आने के बावजूद खिलौने और लोकप्रिय हुए हैं. पहले जापानी खिलौनों की दुनियाRead More