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July, 2017

 

कैसी हो टीनएजर्स की डाइट

  लेख    प्रतिनिधि   अच्छा स्वास्थ्य इंसान की एक ऐसी जमा पूंजी है जो अगर हाथ से निकल गईर् तो वापस नहीं मिलती. अच्छा स्वास्थ्य इंसान के लिए सब से बड़ा धन है, इसीलिए स्वास्थ्य को संभाले रखना आज के दौर में सब से बड़ा काम है. अच्छा स्वास्थ्य संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और नियमित व्यायाम पर निर्भर करता है. आहार का सेहत पर बहुत असर पड़ता है. आप जो भी खाते हैं उस का सीधा प्रभाव आप की सेहत पर पड़ता है. ऐसे में जरूरी हो जाता है किRead More


रैगिंग

कहानी  प्रतिनिधि   भोलेपन का फायदा उठा राजेश ममता से आएदिन पैसे ऐंठता रहा. फिर जब पोल खुली तो पासा ही पलट गया. आखिर ऐसा क्या था जिस से ममता को लग रहा था, जैसे उस की लंबी रैगिंग हुई हो? पी रियड खत्म होने की घंटी बजी तो क्लास में सभी बच्चे इधरउधर चले गए कोई मैदान में टहलने, कोई लाइब्रेरी में पढ़ने तो कोई कैटीन में खानेपीने, क्योंकि उन का अगला पीरियड खाली था. ममता भी अगला पीरियड खाली देख कर अपनी सहेली सरिता के साथ कैंटीन कीRead More


न फंसें विज्ञापनों के भ्रामक जाल में

लेख    ललिता गोयल   कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की सेल बढ़ाने के लिए विज्ञापनों का सहारा ले कर चलती हैं, जिन में इन प्रोडक्ट्स की बढ़चढ़ कर तारीफ होती है. इस से प्रभावित हो कर किशोर उन्हें खरीद लेते हैं लेकिन आप इन भ्रामक विज्ञापनों के जाल में न फंस कर अपनी जरूरत के अनुसार ही सामान खरीदें ताकि बाद में पछतावा न हो. 16वर्षीय सान्या अपने चेहरे के सांवलेपन और पिंपल्स से बहुत परेशान थी. उस ने अनेक उपाय किए पर कोई फायदा न हुआ. फिर उस ने टीवी परRead More


लंबे समय तक फोन पर चैटिंग टैक्स्ट नैक का कारण

  लेख    प्रतिनिधि   पेशे से बैंकर रश्मि को लगातार गरदन में दर्द रहने लगा था. दरअसल, 6 महीने पहले रश्मि को गरदन में अकड़न महसूस हुई और इस के बाद से सिरदर्द भी रहने लगा. जब दर्द ज्यादा बढ़ गया तो रश्मि ने फिजीशियन से सलाह ली. तब उसे पता चला कि वह टैक्स्ट नैक नामक बीमारी से पीडि़त है, जो लगातार मोबाइल पर मैसेज करने की वजह से होती है. इस बारे में नोएडा के फोर्टीस अस्पताल के डा. राहुल गुप्ता का कहना है, ‘‘आजकल किशोर अधिक समयRead More


क्या चलता है हमारे दिमाग में

लेख    अभिषेक    कुछ समय से इंसानी दिमाग को समझने, पढ़ने और उस का नक्शा बनाने वाली कई योजनाएं विश्वभर में चल रही हैं, जिन के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जल्दी ही इंसान के दिमाग को पूरी तरह समझ लिया जाएगा. क्या हैं ये परियोजनाएं और सफलता के किस मोड़ पर पहुंची हैं? इंसान को अंतरिक्ष की सैर कराने के सपने को पूरा करने में लगे स्पेस ऐक्स व टेस्ला जैसी कंपनियों के सीईओ एलन मस्क ने एक नया सपना देखा है, इंसानी दिमाग को कंप्यूटरRead More


औनलाइन खरीदारी किशोर सरताज

  लेख    राजेश कुमार   आज की जनरेशन औनलाइन शौपिंग करने में काफी स्मार्ट है. इस से किशोर न सिर्फ घर बैठे चीजें मंगाते हैं बल्कि भारी डिस्काउंट पा कर पैसों की बचत भी करते हैं. साथ ही अब वे अपने पेरैंट्स को भी इस के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि उन्हें लंबीलंबी लाइनों में लग कर समय जाया न करना पड़े. अश्विन के डैडी का आज बर्थडे था. घर में मौम ने पार्टी की सारी तैयारियां कर दी थीं. कोचिंग के सभी फ्रैंड्स भी आने शुरू हो गएRead More


खरीदारी सीखें लूट से बचें

   लेख    एनी अंकिता    खरीदारी करते समय किशोर अकसर गलतियां कर जाते हैं और दुकानदार की लूट का भाजक बन जाते हैं अत: जागरूक खरीदार बनें व लूट से बचें. कुछ साल पहले टैलीविजन पर एक विज्ञापन आता था, जिस में एक बच्चा दुकानदार से शुद्ध नमक मांगता है, लेकिन दुकानदार उसे बच्चा समझ कर साधारण नमक थमा देता है, जिसे देख कर बच्चा तुरंत दुकानदार से कहता है, ‘‘शुद्ध नहीं समझते क्या… मुझे शुद्ध नमक ही चाहिए.’’ इस विज्ञापन में जिस तरह से बच्चे को जागरूक दिखाया गयाRead More


दिशाहीन होते किशोर

संपादकीय आज का किशोर यानी कल का वयस्क दिशाहीन हो रहा है. ठीक है मानसूनी बादल कब कहां कितने बरसेंगे मालूम नहीं रहता पर बरसेंगे तो सही, यह पक्का रहता है पर आज हमारे किशोरों को नहीं मालूम कि कल क्या होगा. इस के जिम्मेदार किशोर नहीं हैं, वे नेता हैं जो अपना राग अलापते रहते हैं, वे अफसर हैं जो मेज थपथपाते रहते हैं, वे मुल्लापंडे हैं जो घंटेघडि़याल खड़काते रहते हैं, शिक्षा के दुकानदार हैं जो सारा समय पैसा सिर्फ पैसा कमाते रहते हैं. कल के युवाओं, आजRead More


हाई लिविंग लो थिंकिंग का जमाना

  लेख    पारुल भटनागर   आज किशोर गैजेट्स के मोह में इस कदर फंसे हैं कि वे ब्रैंडेड से नीचे बात नहीं करते. इस से उन की लिविंग तो हाई हो रही है, लेकिन थिंकिंग लो होती जा रही है. जरूरत है वक्त के साथ थिंकिंग को भी हाई करने की. आज का यूथ लग्जरी जीवन जीने में विश्वास रखता है. उसे लगता है कि अगर पैसा है तो हर सुखसुविधा खरीदी जा सकती है, खुद की फ्रैंड्स में पैठ जमाई जा सकती है, समाज में अपनी अलग पहचान बनाईRead More


परिवार का सहयोग जरूरी है ऐषा सिंह

  लेख    सोमा घोष   टीवी धारावाहिकों से अभिनय कैरियर की शुरुआत करने वाली किशोर अभिनेत्री ऐषा सिंह आगे चल कर इसी क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहती है. उस का कहना है कि यह क्षेत्र जितना आसान दिखता है उतना है नहीं. मध्य प्रदेश, भोपाल में जन्मी ऐषा सिंह ने टीवी धारावाहिक ‘इश्क का रंग सफेद’ से अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की. उसे बचपन से ही अभिनय की इच्छा थी और फिल्में देखना पसंद करती थी. उस ने भोपाल में 15 साल की उम्र में ‘मिस टीन’ का खिताबRead More