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जिम्मेदार और भरोसेमंद इंसान बनें

बिजनेस हो या पर्सनल अथवा प्रोफेशनल जीवन, आपको कामयाबी तभी मिलती है जब आपकी छवि एक सच्चे, भरोसेमंद और जिम्मेदार इंसान की होती है. इसलिए अगर आपको सफलता का स्वाद चखना हो तो दी गयी जिम्मेदारियों को शिद्दत से निभाएं और वादे के पक्के बनें.

नया साल नजदीक था. अचानक एक बड़े क्लाइंट ने 500 बैग छापकर देने का ऑर्डर दे दिया तो मृणाल असमंजस में पड़ गयी. उसने झिझकते हुए 7 दिन में इतना बड़ा ऑर्डर सप्लाई करने में खुद को असक्षम बताया और इनकार कर दिया. क्लाइंट बोला, “मैडम यूं तो आपकी बहन को भी हम यह ऑर्डर दे सकते थे क्योंकि उनकी रेट काफी कम रहती है…लेकिन टू बी वैरी फ्रेंक…उनका कोई भरोसा नहीं, वे कब देने का कमिटमेंट करेंगी और कब देंगी खुद उन्हें ही पता नहीं होता. हमारी बहुत महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस होने वाली है और उसमें सिर्फ 8 दिन बाकी रह गए, इसलिए हम ये ऑर्डर आपको ही देना चाहते हैं क्योंकि आपने हां कह दिया तो हम निश्चिन्त हो जाएंगे. हां! रेट्स की आप चिंता न करें हम आपको 25 परसेंट ज्यादा देंगे. आप अपने लोगों को ओवरटाइम देकर हमारा यह काम करवा दें प्लीज.” मृणाल मना न कर पायी. एक तो मोटी कमाई हो रही थी और दूसरा क्लाइंट ने इतना विश्वास जताया था..आखिर सम्बन्ध भी बनाए रखने पड़ते हैं बिजनेस में. मृणाल उसी वक्त इस काम में जुट गयी. उसने वाकई कर दिखाया. ऑर्डर 6 दिनों में ही तैयार करवाकर भिजवा दिया. क्लाइंट ने खुश होकर न सिर्फ एक बार में पूरा भुगतान करवाया बल्कि अपनी एक सहयोगी कम्पनी का ऑर्डर भी उसे दिलवाया. मृणाल ने बाजार में अपनी साख एक जिम्मेदार और भरोसेमंद सप्लायर की बना रखीं थी जबकि उसकी बहन एक लापरवाह और गैरजिम्मेदार इंसान के रूप में कुख्यात हो चुकी थी.

भावनाओं पर काबू रखना जरूरी: अगर आप भावनाओं पर नियंत्रण करना नहीं जानते हैं तो पेशेवर या व्यक्तिगत जिंदगी में जिम्मेदार व्यक्ति नहीं बन सकते. भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हीं सही शब्दों और कार्यों के माध्यम से अभिव्यक्त करना सीखें. किसी व्यक्ति पर गुस्सा आ रहा है तो उस पर टूट पड़ने के बजाय संयम से काम लेना सही रहता है. इससे आपकी छवि बिगड़ैल स्वभाव के इंसान की नहीं बनेगी और हर कोई आपकी मदद को तैयार रहेगा, इसी टीम की बदौलत आपको अपने कमिटमेंट पूरे करने होंगे.

सामाजिक संबंधों को संवारें: जिम्मेदार व्यक्ति समझता है कि बिजनेस या प्रोफेशन ही जिंदगी में सब कुछ नहीं. व्यक्तिगत जीवन का भी बहुत महत्व होता है इसलिए वह अपने मित्रों, रिश्तेदारों और परिवार के साथ समय गुजारना नहीं भूलता है. वह सब से नियमित रूप से मिलता जुलता है. अगर मिलना संभव नहीं होता, तो वह कॉल करके हाल चाल पूछता है उसके सामाजिक व्यवहार से ही उसकी जिम्मेदारी के बारे में पता लगता है.

फीडबैक का फायदा उठाएं: जिम्मेदार व्यक्ति अपने व्यवहार के बारे में दोस्तों और परिजनों के कमेंट्स यानी फीडबैक को ध्यान से सुनता है और खुद में जरूरी बदलाव करता है. वह अपनी आदतों पर गौर करता है और अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करता है. अपनी कमियों को दूर करना अच्छी आदत है. इससे  आपके जिम्मेदार होने का अहसास होता है.

अहसान को चुकाएं: कई बार आपने लोगों से वक्त-बेवक्त काम करने को कहा होगा. कभी आर्थिक या सामजिक मदद मांगी होगी या व्यक्तिगत फेवर मागा होगा. इसमें कुछ भी गलत नहीं. आखिर हम सामाजिक प्राणी है. एक–दूसरे के काम आना ही चाहिए. लेकिन जिम्मेदार व्यक्ति वापस लौटाने में यकीन रखता है और दूसरों की मदद करता भी है. जरूरी नहीं है कि हमेशा पैसे से मदद की जाए, आप समय देकर या स्किल्स सिखाकर भी मदद कर सकते हैं. किसी का अहसान सिर्फ लेना ही नहीं चाहिए बल्कि समय पर चुकाना भी चाहिए. इससे आगे के रास्ते खुलेंगे.

विश्वसनीय बनें: आपको विश्वसनीय और सच्चा इंसान बनाना चाहिए आपकी बातों और कार्यों में अंतर नहीं होना चाहिए. गलती होने पर अपनी जिम्मेदारी लेना सीखें. अपने निर्णयों से जुड़े परिणामों के लिए सदैव तैयार रहें. गलतियों के लिए किसी अन्य को दोषी ठहराने की कोशिश न करें. ध्यान रहे, आप एक बार सब को ठग सकते हैं लेकिन बार-बार सबके साथ गेम नहीं खेल सकते. विश्वसनीयता खत्म होने पर सफलता की राह मुश्किल हो जाएगी.

जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करें: जिम्मेदार व्यक्ति अपनी शब्दों और कार्यों से दूसरों को प्रभावित करता है. उसके चलने, बात करने के अंदाज से पता लग जाता है कि वह जिम्मेदार व्यक्ति है. वह अपनी अच्छे गुणों के बार में सबको बताता है. वह लोगों से उसी तरह से व्यवहार करता है, जैसा व्यवहार वह खुद अपने लिए चाहता है. इस तरह वह कभी परेशान नहीं होता.

लक्ष्य को प्राथमिकता दें: हर जिम्मेदार व्यक्ति पहले अपना लक्ष्य तय करता है और फिर उसे प्राप्त करने का एक ठोस योजना बनाता है. वह अपनी योजना के अनुरूप काम करता है और मुश्किलों को दूर करने में जी जान लगा देता है. वह अपने रोज के लक्ष्यों को पूरा करते हुए जीवन में बड़ा लक्ष्य हासिल करता है. वह हमेशा संतुष्ट रहता है.

 






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