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आपके अंक नहीं हैं आपकी पहचान!

अच्छे अंक लाने की यह दौड़ का कभी अंत नहीं होती है. अब अच्छे अंकों की परिभाषा इतनी अस्पष्ट हो गई है। पहले जहां 80 प्रतिशत को भी अच्छा माना जाता था। अब 95 प्रतिशत से कम को औसत दर्जे का माना जाता है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम बदल जाएं।

आप जानते हैं कि, जीवन में हम सबसे ज़्यादा क्या याद रखते हैं। वह समय जब आप बिना किसी लक्ष्य के बोझ के खुद को ढूंढने यहां वहां आजादी से घूमते थे। रास्ते के अनुभवों के रोमांच और उससे मिलने वाली सीख  दोनों का आनंद उठाते थे। टॉपर्स बहुत जल्द एक जगह व्यवस्थित हो जाते हैं, लेकिन जो टॉपर्स नहीं है। थोड़ा अधिक समय लेते हैं, क्योंकि वे दुनिया की खोज में व्यस्त रहते हैं। एक नीरस जीवन के शिकार बनने की बजाए वह रोमांचक जीवन पसंद करते हैं।

आप जो भी अनुभव करते हैं, लोगों से जीवन से सीखते हैं वही आपके व्यक्तित्व का भाग बनता है। अकेले किताबी ज्ञान काफी नहीं होता है। इस देरी का मतलब यह नहीं है कि आप कभी व्यवस्थित नहीं हो पाएंगे। क्या हुआ अगर आपको कॉलेज से प्रतिष्ठित प्लेसमेंट नहीं मिल पाई  शायद आप अपने मनचाहे कारोबार को शुरू करने की तमन्ना पूरी कर पाएं और 10 सीजीपीए वाले अपने सहयोगी की तुलना में अधिक धन भी कमा लें। आपकी पहचान आपके विचार  आपकी रचनात्मकता आपके लोगों से व्यवहार रखने का कौशल  आपका व्यक्तित्व और आपकी चतुराई है।  जिनमें से कोई भी  अंकों से नहीं मापा जाता है भारतीय शिक्षा प्रणाली में तो कम से कम नहीं।

आप स्कूल में गणित और विज्ञान का अध्ययन करते हैं,  लेकिन यह जरूरी नहीं है कि, आप उन्हें पसंद भी करें और अगर आपको कुछ पसंद नहीं है तो यह संभावना है कि, आप उसे करने में रूचि नहीं लेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि, आप कभी भी कुछ भी हासिल नहीं कर सकते। हो सकता है कि, आप गणित में इंटीग्रेशन के महत्व को न समझें, लेकिन आप फोटोग्राफी या खाना पकाने की कलाओं में निपुणता पाने की प्रतिभा रखते हों।  बस आपको यह पता करने का मौका दिया जाना चाहिए कि, आपको क्या पसंद है,  तो आप चमत्कार कर सकते हैं।

जिंदगी में गणित भौतिक विज्ञान के जटिल नियम और रट्टा लगाकर परीक्षाओं में अंक लाने के अलावा भी बहुत कुछ है। आपको अपनी सफलता की राह ढूंढने के लिए यह जानने की जरूरत नहीं है कि, कोशिकाओं में पाए जाने वाले तरल पदार्थ को क्या कहते हैं या अंग्रेजी में मॉडल क्रिया की परिभाषा क्या है। आपको बस विचार और जुनून का मेल चाहिए,  इसलिए रोमांच का जोखिम लेने से पीछे मत हटिए।  बड़े सपने देखिए और अपने अंकों के बारे में चिंता करना छोड़ दीजिए।

आपकी दिलचस्पी किस चीज़ में है।  पता करें और उसमें महारत हासिल करें। अंकों के बंधन में उलझने के बजाय अपने सपनों का पालन करने की मुक्ति को अनुभव करें और अगर आप अपने अंकों से प्रभावित होते भी हैं। तो इसके सकारात्मक रूप को अपनाएं। आप दसवीं में अच्छे अंक नहीं ला पाए। ऐसा लग रहा है सब खराब हो गया। कोई बात नहीं, लंबी सांस लीजिए। अपने आप को संभालिए और खुद से वादा करिए कि, अगली बार आप अपनी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। जीवन में बहुत संभावनाएं होती हैं, आप खुद को दूसरा मौका तो दें हो सकता है कि, आप किसी दो अंकों की संख्या से बढ़कर हैं।






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